महाराणा प्रताप : कब? कहां? क्यों? कैसे?

महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप : जीवन परिचय

  • जन्म – 09 मई 1540 ई.
  • जन्मस्थान – कुम्भलगढ़ (मेवाड़)
  • पिता – महाराणा उदय सिंह
  • माता – जयवंता बाई
  • पत्नी – अजबदे पंवार
  • संतान – अमर सिंह
  • मृत्यु – 19 जनवरी 1597 ई. को चावण्ड (वर्तमान उदयपुर जिले में)

अपनी मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए अपना पूरा जीवन का बलिदान कर देने वाले ऐसे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और उनके स्वामिभक्त अश्व चेतक को शत-शत कोटि-कोटि प्रणाम। एक सच्चे राजपूत, शूरवीर, देशभक्त, योद्धा, मातृभूमि के रखवाले के रूप में महाराणा प्रताप दुनिया में सदैव के लिए अमर हो गए।

FAQ – (महत्वपूर्ण तथ्य)

  • महाराणा प्रताप कौन थे?
    -महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया उदयपुर, मेवाड़ (राजस्थान) में सिसोदिया राजवंश के राजा थे।
  • महाराणा प्रताप का जन्म कहां हुआ था?
    -मेवाड़ के कुम्भलगढ (राजस्थान के राजसमंद जिले में)
  • महाराणा प्रताप का जन्म कब हुआ था?
    -09 मई , 1540 को हुआ
  • महाराणा प्रताप के पिताजी का क्या नाम था?
    -महाराजा उदय सिंह
  • महाराणा प्रताप की माताजी का क्या नाम था?
    -जयवंता बाई, जो पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थी।
  • महाराणा प्रताप की पत्नी कौन थीं?
    -महारानी अजबदे पंवार सहित कुल 11 पत्नियाँ थीं।
  • महाराणा प्रताप के कितने पुत्र थे?
    -कुल 17 पुत्र
  • इतिहासकार विजय नाहर के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म कहाँ हुआ था?
    -पाली के राजमहलों में
  • महाराणा प्रताप का ननिहाल कहाँ था?
    -पाली में
  • भील, महाराणा प्रताप को किस नाम से पुकारते थे?
    -कीका नाम से। चूँकि महाराणा प्रताप का बचपन भील समुदाय के साथ बिता और भील अपने पुत्र को कीका कहकर पुकारते है, इसलिए भील महाराणा को कीका नाम से पुकारते थे।
  • सेवानिवृत IAS अधिकारी देवेंद्र सिंह शक्तावत के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म स्थान कहाँ है?
    -महाराव के गढ़ के अवशेष जूनि कचहरी पाली में विद्यमान है।
  • रानी भटियाणी के नाम से किसे जाना जाता है?
    -राणा उदयसिंह की दूसरी रानी धीरबाई
  • रानी धीरबाई किस को मेवाड़ का उत्तराधिकारी बनाना चाहती थी?
    -अपने पुत्र कुंवर जगमाल को
  • महाराणा प्रताप का प्रथम राज्याभिषेक कब हुआ था?
    -28 फरवरी, 1572 को गोगुन्दा में
  • राणा प्रताप की पत्नियों और उनसे प्राप्त उनके पुत्र-पुत्रियों के क्या नाम है?
    -महारानी अजबदे पंवार :- अमरसिंह और भगवानदास
    अमरबाई राठौर :- नत्था
    शहमति बाई हाडा :-पुरा
    अलमदेबाई चौहान:- जसवंत सिंह
    रत्नावती बाई परमार :-माल,गज,क्लिंगु
    लखाबाई :- रायभाना
    जसोबाई चौहान :-कल्याणदास
    चंपाबाई जंथी :- कल्ला, सनवालदास और दुर्जन सिंह
    सोलनखिनीपुर बाई :- साशा और गोपाल
    फूलबाई राठौर :-चंदा और शिखा
    खीचर आशाबाई :- हत्थी और राम सिंह
  • मुगल सम्राट अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने या अधीनता स्वीकार कराने के लिए किसको भेजा?
    -सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ को, 1573 ई. में मानसिंह को, सितम्बर, 1573 ई. में भगवानदास तथा दिसम्बर,1573 ई.में राजा टोडरमल को
  • हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध कब हुआ?
    -18 जून 1576 को मेवाड़ तथा मुगलों के मध्य हुआ था।
  • हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की तरफ से लड़ने वाला एकमात्र मुस्लिम सरदार कौन था?
    -हकीम खाँ सूरी
  • हल्दीघाटी युद्ध में मुगलों का नेतृत्व किसने किया था?
    -आमेर के राजा मान सिंह ने
  • हल्दीघाटी युद्ध का आँखों देखा वर्णन किसने किया?
    -अब्दुल कादिर बदायूनीं ने
  • हल्दीघाटी युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से जेहाद की संज्ञा किसने दी?
    -आसफ खाँ ने
  • इस युद्ध में किसने अपने प्राणों का बलिदान देकर महाराणा प्रताप के जीवन की रक्षा की?
    -बींदा के झालामान ने
  • किसने अपना घोड़ा देकर महाराणा को बचाया?
    -शक्ति सिंह ने
  • दिवेर का युद्ध कब हुआ?
    -1582 में
  • दिवेर के युद्ध को ‘मेवाड़ का मैराथन’ किसने कहा है?
    -कर्नल जेम्स टॉड ने
  • हल्दीघाटी को ‘थर्मोपाली’ किसने कहा है?
    -कर्नल जेम्स टॉड ने
  • चेतक – महाराणा प्रताप का प्रिय घोड़ा
  • रामप्रसाद – महाराणा प्रताप का प्रिय हाथी जिसको हल्दीघाटी युद्ध के बाद अकबर ले गया तथा नाम बदलकर रामपीर कर दिया

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